
बनखंडीनाथ मंदिर (Bankhandinath Temple)
मंदिर के बारे में
बरेली के प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक श्री वनखंडीनाथ मंदिर अपनी पौराणिक मान्यताओं और आध्यात्मिक महत्व के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस मंदिर का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा हुआ है, और यहाँ स्थापित शिवलिंग को अत्यंत पवित्र माना जाता है।
लोककथाओं के अनुसार, इस शिवलिंग की स्थापना स्वयं माता द्रौपदी द्वारा की गई थी, जिससे इस स्थान की धार्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है। यह मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि साधना और तपस्या का भी प्रमुख स्थल रहा है। समय-समय पर कई संतों और साधुओं ने यहाँ कठोर तप किया, जिनकी समाधियाँ आज भी मंदिर परिसर में देखी जा सकती हैं। वर्तमान में इस मंदिर की देखरेख दशनाम जूना अखाड़ा द्वारा की जाती है, जो इसकी परंपराओं और धार्मिक गतिविधियों को बनाए रखता है।
“वनखंडीनाथ” नाम की उत्पत्ति के पीछे भी एक रोचक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि मुगल काल में मंदिर को क्षति पहुँचाने का प्रयास किया गया, लेकिन शिवलिंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसी घटना के कारण इसे “वनखंडी” नाम से जाना जाने लगा, जो इसकी अटूट आस्था और शक्ति का प्रतीक है।
यह मंदिर बरेली के प्रसिद्ध “सात नाथ मंदिरों” में शामिल है, जिसके कारण इस शहर को “नाथ नगरी” के नाम से भी जाना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि यहाँ स्थित शिवलिंग स्वयंभू है और इसमें दिव्य चमत्कारिक गुण हैं। कुछ श्रद्धालुओं के अनुसार, शिवलिंग का रंग समय-समय पर बदलता हुआ भी देखा गया है, जो इसे और भी रहस्यमय बनाता है।
पुराने शहर क्षेत्र जोगीनवादा में स्थित यह मंदिर परिसर अपने आप में एक संपूर्ण धार्मिक स्थल है। मुख्य शिव मंदिर के अलावा यहाँ कई छोटे-छोटे मंदिर, शिवलिंग और एक विशाल सरोवर (तालाब) भी है। इस तालाब के चारों ओर 108 शिवलिंग स्थापित हैं, जो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। आज के समय में वनखंडीनाथ मंदिर बरेली के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में गिना जाता है, जहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और आशीर्वाद के लिए आते हैं।
Frequently Asked Questions
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गैलरी (Gallery)

यात्रा विवरण (Visit Details)
प्रातः दर्शन (Morning)
5:00 AM - 1:00PM
संध्या दर्शन (Evening)
4:00 PM - 9:00 PM
प्रवेश शुल्क (Entry Fee)
सभी के लिए निःशुल्क
कृपया शालीन कपड़े पहनें और मंदिर परिसर के अंदर चमड़े की वस्तुएं ले जाने से बचें। मुख्य गर्भगृह में फोटोग्राफी प्रतिबंधित हो सकती है।
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